पुलिस के मुताबिक आरोपी एक फ्लैट से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। यहां से अमेरिकी नागरिकों को Apple Products और Services से जुड़े फर्जी SMS और मैसेज भेजे जाते थे। इन संदेशों में 399, 499 और 699 अमेरिकी डॉलर तक के कथित 'Pre-Approved Charges' बताए जाते थे। इसके बाद आरोपियों द्वारा खुद को Apple का कस्टमर या टेक्निकल सपोर्ट कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क किया जाता था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। इनमें 13 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, राउटर, सिम कार्ड, चार्जर, एक्सटेंशन बोर्ड और अन्य उपकरण शामिल हैं। पुलिस इन उपकरणों की जांच के जरिए कॉल सेंटर के संचालन और कथित साइबर ठगी से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है।
यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट, जयपुर पश्चिम पुलिस और DST की संयुक्त टीम ने की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्रवाई डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण और साइबर क्राइम यूनिट के डीएसपी आदित्य पूनिया के नेतृत्व में की गई। पुलिस को साइबर ठगी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान इस कथित फर्जी कॉल सेंटर की जानकारी मिली थी, जिसके बाद टीम ने संबंधित ठिकाने पर दबिश दी।
14 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब कथित नेटवर्क की आगे की कड़ियां खंगाल रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कॉल सेंटर के जरिए कितने लोगों को निशाना बनाया गया, कथित ठगी की रकम कहां पहुंचती थी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं। बरामद मोबाइल और लैपटॉप समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच भी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले में अदालत की प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आरोपों की पुष्टि होगी।
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