जाजोद की बेटी ने रचा इतिहास! खजुराहो कार्निवल 2026 में अन्नु महला बनीं राष्ट्रीय लोक नृत्य विजेता

सीकर: जिले के खंडेला क्षेत्र के छोटे से गांव जाजोद की बेटी ने राष्ट्रीय मंच पर ऐसा परचम लहराया कि पूरा क्षेत्र गर्व से भर उठा। जाजोद निवासी अन्नु महला ने मध्य प्रदेश में आयोजित प्रतिष्ठित खजुराहो कार्निवल 2026 में लोक नृत्य श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है।

यह राष्ट्रीय स्तर की नृत्य प्रतियोगिता 20 से 26 फरवरी 2026 के बीच मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और कृषि उद्योग विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। देशभर से आए प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रही, लेकिन अन्नु महला ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति से निर्णायकों और दर्शकों का दिल जीत लिया।

मंच पर दिखा राजस्थान की लोक संस्कृति का जादू

अन्नु महला ने अपने नृत्य में राजस्थान की पारंपरिक लोक संस्कृति की जीवंत झलक पेश की। उनके भाव-भंगिमा, लय, ताल और पारंपरिक परिधान ने प्रस्तुति को और भी प्रभावशाली बना दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया, जबकि निर्णायकों ने तकनीकी उत्कृष्टता और भावनात्मक अभिव्यक्ति की विशेष सराहना की।

प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने भाग लिया था। ऐसे में इस मंच पर जीत दर्ज करना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जा रहा। अन्नु की सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जाजोद गांव और सीकर जिले का नाम रोशन कर दिया है।

शिक्षा और संस्कृति का अनोखा संगम

अन्नु महला वर्तमान में तारानगर स्थित माँ जालपा देवी राजकीय महाविद्यालय में समाजशास्त्र की सहायक आचार्य (Assistant Professor) के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने कला और संस्कृति को भी समान महत्व दिया है।

उनके सहकर्मियों का कहना है कि अन्नु हमेशा से ही सांस्कृतिक गतिविधियों में अग्रणी रही हैं। कॉलेज स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में भी वे विद्यार्थियों को लोक संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रेरित करती रही हैं। उनकी यह उपलब्धि विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

परिवार और गांव में खुशी की लहर

अन्नु महला, राजेंद्र महला की पुत्री हैं। उनकी इस ऐतिहासिक जीत की खबर मिलते ही जाजोद गांव में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामवासियों ने इसे पूरे गांव का गौरव बताया। कई लोगों ने इसे ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण करार दिया।

गांव के बुजुर्गों ने कहा कि अन्नु ने यह साबित कर दिया कि छोटे गांव से निकलकर भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई जा सकती है। उनकी सफलता ने युवा पीढ़ी में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया है।

महाविद्यालय परिवार ने जताया गर्व

महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य हंसराज परिहार ने अन्नु महला की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे महाविद्यालय परिवार के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि अन्नु ने शिक्षा और संस्कृति दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाकर एक आदर्श प्रस्तुत किया है।

महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्यों और कर्मचारियों ने भी उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। विद्यार्थियों ने भी सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

राष्ट्रीय मंच पर बढ़ा राजस्थान का मान

खजुराहो कार्निवल जैसे प्रतिष्ठित मंच पर लोक नृत्य श्रेणी में जीत दर्ज करना राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी गर्व का विषय है। अन्नु महला ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया कि लोक कला आज भी उतनी ही जीवंत और प्रभावशाली है जितनी पहले थी।

उनकी यह उपलब्धि आने वाले समय में अन्य कलाकारों को भी राष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए यह सफलता एक नई दिशा और उम्मीद लेकर आई है।


निष्कर्ष:

जाजोद की अन्नु महला ने खजुराहो कार्निवल 2026 में लोक नृत्य श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल कर न केवल अपने परिवार और महाविद्यालय, बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है। शिक्षा और संस्कृति के संगम का यह उदाहरण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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